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Window Seat ख़याल

Poetry

Window Seat ख़याल

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Window Seat ख़याल – रोज़मर्रा के किस्से, अनकहे जज्बात और छोटी-छोटी खुशियों की डायरी है। पहली बारिश की गंध, शहर की हलचल में ठहरा सन्नाटा, किसी अनजान सड़क पर खिली मुस्कान।

ये कविताएँ गूढ़ नहीं हैं, बस वही अहसास हैं, जो हम सबने अनुभव किए… पर शायद कभी व्यक्त नहीं हुए।

कुछ के लिए ये कविताएँ पुराने यादों से एक गर्म आलिंगन की तरह हो सकती हैं, और Gen Z के लिए यह धीरे से रुककर गहराई से महसूस करने का निमंत्रण है।

यह पुस्तक थोड़ी भिन्न है – सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि अनुभव करने के लिए भी। पढ़िए… और चाहें तो QR कोड स्कैन कर सुनिए-देखिए भी। कविताएँ यहाँ सिर्फ लिखी नहीं, ज़िंदा होती हैं।

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