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Waqt, Yaadein aur Main | Dil ke Pannon par Likhi Hui Zindagi

Poetry

Waqt, Yaadein aur Main | Dil ke Pannon par Likhi Hui Zindagi

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“वक़्त, यादें और मैं” सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि मेरे जज़्बातों का आईना है। यह उन लम्हों की कहानी है, जिन्हें मैंने जिया, महसूस किया और फिर उन्हें अल्फ़ाज़ों में ढालने की कोशिश की। ज़िंदगी ने हर मोड़ पर कुछ सिखाया कभी संघर्ष, कभी मोहब्बत, कभी जुदाई, तो कभी अपने वतन के लिए गर्व। इन्हीं तमाम एहसासों को मैंने इस किताब के हर पन्ने में उतारने की कोशिश की है। इस किताब के दो भाग हैं-एक में मुकम्मल कविताएँ और ग़ज़लें हैं, जो हर जज़्बे को विस्तार से बयान करती हैं, और दूसरे में छोटे-छोटे शेर और मेरे जिंदगी के प्रति विचार हैं, जो कम लफ़्ज़ों में गहरी बात कहने की कोशिश करते हैं।

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