Veer Banafar
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आल्हा खंड मध्यकालीन भारतीय वीरगाथा साहित्य का एक अत्यंत प्रसिद्ध और वीर रस से परिपूर्ण महाकाव्य है। इसकी रचना कवि जागनिक (जगनायक) ने की थी, जो बुंदेलखंड के चंदेल नरेश राजा परमालदेव (परमार्दिदेव) के दरबारी कवि माने जाते हैं। इस काव्य में बुंदेलखंड की धरती पर जन्मे महान योद्धाओं आल्हा, ऊदल और वीर मलखान की अद्भुत वीरता, युद्ध कौशल और त्याग का वर्णन मिलता है।





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