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Swam Par vijay Prapt

Poetry

Swam Par vijay Prapt

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बाल्यावस्था से ही कविता और लेखन की रुचि रही। पिता, और माता के संस्कारों ने जीवन में शालीनता, मर्यादा और व्यवहारिकता के गुणों को विकसित किया। बाल्यावस्था में पिता के निधन के पश्चात पारिवारिक जिम्मेदारियों ने शीघ्र ही परिपक्व बना दिया, जिससे कुछ समय के लिये लेखन कार्य रुक गया।

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