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Sobatan

179.00

राजस्थानी भाषा, संस्कृति और इतिहास की यह पुस्तक मरुप्रदेश की आत्मा को शब्दों में पिरोती है। लोक परंपराएं, वीरगाथाएं और लोकदेवताओं की महिमा इसमें जीवंत होती है। यह सिर्फ पढ़ने की नहीं, महसूस करने की पुस्तक है जहाँ हर शब्द राजस्थान की मिट्टी की महक लाता है। अपनी जड़ों को समझने और उनसे जुड़ने का एक सुंदर प्रयास । यह पुस्तक उन सभी पाठकों के लिए एक साधन है, जो अपने अतीत को जानने, अपने वर्तमान को समझने और अपने भविष्य को संवारने की भावना रखते है

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