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Poetry
Prakriti ki God or Naye Samaj ka Ehsaas
₹179
इन कविताओं को रुचिपूर्वक पढ़ने वाले पाठकों को उसी तरह का आनन्द मिलता है जैसा वो वास्तव में उन पलों को जीकर प्राप्त करते। दूसरे भाग पारिवारिक संवेदना के अंतर्गत पिता व मां पर लिखा गया है। तीसरे भाग में वर्तमान परिदृश्य को अंकित करते हुए सामाजिक विषयों की कविताएं हैं। चतुर्थ भाग में महापुरुष गौरव-गान की कविताएं हैं जो जीवन में अद्भुत प्रेरणा प्रदान करती हैं। अंतिम और पंचम भाग में जमाने से शिकायतें की गई हैं जो आधुनिक समाज में बहुत प्रासंगिक हैं।
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Customer Reviews
Read what others are saying about this book.
Roshan Gurjar
3/10/2024
Lovely collection of poems
MANISH KUMAR SAINI
2/3/2024
A master piece of this category.
I really want to enjoy this journey .
Incredible Inspiration.....👌👌🌹💐
