
Poetry
Bhavo Ki Tridhara Simritiyo Ka Sangam
₹199
यह पुस्तक केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक यात्रा है – एक बेटी की, एक साधिका की, एक जीवन से जूझती आत्मा की। ‘भावों की त्रिधारा, स्मृतियों का संगम’ तीन भावनात्मक धाराओं से होकर बहती है-‘पापा’, जो अपने पिता को समर्पित एक अमर स्मृति है; ‘इबादत’, दिल के अनकहे एहसासों की आत्मा से की गई आराधना; और ‘ज़िंदगी’, वह स्याही जो खुद की अधूरी कहानी को पन्नों पर पूरी करने की कोशिश करती है इस पुस्तक के हर पन्ने पर आपको मिलेंगे वे अनकहे एहसास, जो कभी आँखों में बहें, तो कभी कागज़ पर उतर गए। कभी पापा की यादों में डबे भाव, कभी टूटे सपनों के बीच सजीव होती ज़िन्दगी, और कभी एक ऐसी इबादत, जो सिर्फ़ मौहब्बत नहीं, आत्मा की पुकार बन गई।
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