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Bhartiya Shastriya Sangeet ki Lokpriyata - Ek Vishleshanatmak Adhayayan

Cultural

Bhartiya Shastriya Sangeet ki Lokpriyata - Ek Vishleshanatmak Adhayayan

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उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत की लोकप्रियता का विश्लेषण आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण अंग एवं ज्वलंत विषय है। जिसमें यह पुस्तक एक प्रयास मात्र है। प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय शास्त्रीय संगीत के वर्तमान परिप्रेक्ष्य के अंतर्गत जनप्रिय बनाने हेतु विभिन्न-विभिन्न संसाधनों की उपादेयता का विश्लेषण एवं मनन करते हुए “गायन” के संदर्भ विशेष में किया गया है। यथा घराना पद्धति का वर्तमान प्रारूप औपचारिक तथा अनौपचारिक संस्थाओं की वर्तमान स्थिति एवं उपलब्धियों, मुद्रित एवं विद्युत संचालित माध्यमों के साथ-साथ अति अत्याधुनिक प्रचार पद्धति सोशल मीडिया के नवसृजित प्रारूपों का विश्लेषण बहुत ही सूक्ष्म दृष्टि से सांस्कृतिक कला एवं संरक्षण एवं सामान्य वर्ग की लोकप्रियता की आपूर्ति हेतु किया गया है। यह पुस्तक संगीत प्रेमियों, जिज्ञासुओं एवं शास्त्रीय संगीत परम्परा को जनप्रिय बनाने में प्रयासरत व्यक्ति विशेष के लिए अत्यधिक उपयोगी लाभकारी तथा ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी।
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