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Aasakti

Poetry

Aasakti

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“आसक्ति” शब्द का अर्थ है सम्मोह, प्रेम जिसकी उम्र कम होती है चो प्रेम जो सुबह हो मगर श्याम तक न रहे, कुछ पल ही सही मगर सच्चा प्रेम का एहसास आसक्ति है. यही वास्तविक है, इस किताब की हर कविता या शायरी भी एक आसक्ति है जैसे कृष्ण से राधा को प्रेम था मगर गोपियों को आसक्ति थी. आसक्ति बुरी नही बल्कि प्रेम से बेहतर है बहोत से मेरे प्रेम के सफर जो कभी न कभी खतम हो गए वही इस किताब मे आसक्ति के रूप मे है

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