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Jo Kehna Tha

Poetry

Jo Kehna Tha

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जब शब्द मात्न अभिव्यक्ति नहीं रह जाते, बल्कि हृदय की गहराइयों की धड़कन बन जाएँ तब कविता जन्म लेती है। यह कविता संग्रह भी उन्हीं निस्पंद क्षणों की नमी से अंकुरित हुआ है वे क्षण, जब मन निस्संग होता है, रातें भीतर उतरती हैं, और मौन जब अपने भीतर एक आवाज़ रचने लगता है। इन्हीं अंतर्यात्राओं की प्रतिध्वनि हैं ये कविताएँ – एक सच्चा, सरल और आत्मीय प्रयास, उन अनुभूतियों को शब्द देने का, जिन्हें अक्सर हम केवल महसूस करते हैं, कह नहीं पाते।

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