Poetry
Cheekhta Maun
₹299.00
हम जीवन भर दूसरों को जानने, पहचानने और समझने में उलझे रहते हैं, पर शायद ही कभी अपने भीतर झाँकने का प्रयास करते हैं। हमने यह अधिकार हमेशा दूसरों को दिया है कि वे हमें बताएं -हम कैसे हैं, क्या हैं। पर सच तो यह है कि अपने अस्तित्व की परिभाषा कोई और नहीं लिख सकता। समय आ गया है कि हम स्वयं को सुनें, स्वयं को जानें, क्योंकि सबसे गहरी पहचान, आत्म-परिचय में ही छिपी है।








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